भरत कौशिक- हमारे समाज और किन्नर समुदाय के लिए एक उम्मीद

- स्पेशल रिपोर्ट 



नाम भरत कौशिक है. जन्म बिहार राज्य के पटना जिले के एक मध्य वर्ग के परिवार में हुआ. पढ़ाई पटना विश्विद्यालय के समाजशास्त्र, सामाजिक कार्य विभाग से पूरी हुई. पारिवारिक पृष्टभूमि को देखें तो सामाजिक कार्य की ओर पूरे परिवार का ध्यान ज्यादा था. किसी की मदद करना, किसी को अस्पताल पहुँचाना, समाज में किसी की भी मदद करने में कभी भी देर नहीं हुई. अपनी पोस्ट-ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद से यह सामाजिक कार्यों में लग गये. कुछ ही दिनों पहले इन्होंने किन्नर समुदाय पर काम शुरू किया. जब ये किन्नर समुदाय के लोगों से मिले तो उनके भयानक दर्द, उन पर हुए शोषण और जीवन के संघर्ष सुन के इनकी आंखें नम हो गईं. इन लोगों को समाज में आज भी स्वीकृति नही है और हाय दृष्टि से देखा जाता है. इस घटना ने इनके मन और मस्तिष्क को झकझोर दिया. मानव जाति में ही एक मानव के साथ इतना भेदभाव क्यों? वह कहते हैं- "हमने यह प्रण लिया है कि हम किन्नरों के अधिकार और समानता की लडाई लड़ेंगे. हमने उन पर हो रहे शोषण को चलचित्र, नाटक और बातचीत के माध्यम से लोगों के बीच लाने का काम लगातार करते हुए उन्हें शोषण मुक्त किया है और समाज में सम्मान दिलाया है. हमने ट्रांसजेंडर मॉडल मैगज़ीन शुरू की जो कि एक ई-मैगज़ीन है और उस मैगज़ीन में हम लगातार किन्नर सामुदाय के सदस्यों के बारे में प्रकाशित करते हैं." 


यह समुदाय दुनिया का सबसे ज्यादा शोषित समुदाय है. किन्नरों का शोषण समाज तो दूर बल्कि परिवार से ही शुरू हो जाता है. इनके साथ भेद-भाव आम बात है. इन लोगों को मजबूरन घर छोड़ना पड़ता है. इस समुदाय के प्रति सामाजिक व्यवस्था बहुत बुरी है. उनके साथ मार-पीट और हत्या जैसी घटनाएं आम बात हो गई हैं.  जैसा कि इन्होंने बतया, किन्नर समुदाय को समाज द्वारा आज भी सम्मान नही मिलता. ना ही अच्छा घर मिलता है और ना अच्छी नौकरी. इन्हें मजबूरन ट्रेन में भीख मांगने जैसे समाज के घृणित और बहिष्कृत काम अपनी जीविका के लिए करने पड़ते हैं जिस से उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर ख़तरा बना रहता है. इन सभी चीजों को देखते हुए बिहार के जेंडर सोशल एक्टिविस्ट भरत कौशिक ने ट्रांसजेंडर मॉडल मैगजीन की स्थापना की है जो कि एक ऑनलाइन ई-मैगज़ीन है. राज्य, देश और विदेश से ट्रांसजेंडर समाज के लोग इस मैगज़ीन में अपनी तस्वीरों को प्रकाशित कर रहे हैं. और तो और इस मैगज़ीन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है. भरत कौशिक हमें बताते हैं कि उनका उद्देश्य समाज में किन्नरों को सम्मानित काम दिलाना और बराबरी का दर्जा देना है. ट्रांसजेंडर समुदाय की मदद के लिय भरत कौशिक द्वारा पहली बार ट्रांसजेंडर मॉडल मैगजीन की शुरूआत की गई है.

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